- एमबी एसोसिएट्स द्वारा इंदौर में “प्रॉम्प्ट से प्रोडक्टिविटी” पर एक दिवसीय व्यावहारिक एआई कार्यशाला का आयोजन
- द पार्क इंदौर के रेस्तराँ को मिले दो प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मान
- TiE Global Summit 2026 to Bring Global Entrepreneurs and Investors to Indore
- टाई ग्लोबल समिट 2026: इंदौर में जुटेंगे दुनिया भर के उद्यमी और निवेशक
- Madhurima Tuli Gives Major Navratri Vibes in These Stunning Traditional Looks
यामी गौतम ने एक खास वजह से NGO से मिलाया हाथ, जानकर आपको होगा गर्व
बॉलीवुड एक्ट्रेस यामी गौतम को उनकी हालिया रिलीज ‘ए थर्सडे’ में उनके शानदार प्रदर्शन के लिए आलोचकों और दर्शकों से समान रूप से प्रशंसा मिल रही है। इस फिल्म के जरिए एक बलात्कार पीड़िता की भूमिका निभाने वाली एक्ट्रेस यामी गौतम ने हम सभी को यौन उत्पीड़न पीड़ितों के पुनर्वास के लिए उपलब्ध मौजूदा बुनियादी ढांचे के बारे में सोचने पर मजबूर कर दिया है।
ऐसे में आज यामी गौतम ने घोषणा करते हुए कहा है कि वह अपनी क्षमता के मुताबिक इसकी बेहतरी में अपना योगदान देंगी और इसके लिए उन्होंने यौन उत्पीड़न पीड़ितों का समर्थन करते हुए अपना एक कदम आगे बढ़ाया हैं। इसके बारे में बात करते हुए यामी ने साझा किया, “आज बड़े गर्व के साथ मैं साझा करना चाहूंगी कि मैंने दो गैर सरकारी संगठनों (NGO) के साथ हाथ मिलाया है, जो लगातार यौन उत्पीड़न पीड़ितों के पुनर्वास की दिशा में समर्थन और काम कर रहे हैं। इन मुद्दों पर काम करने की आवश्यकता महिलाओं से उपजी है, सुरक्षा के मुद्दे आज भी मौजूद हैं, जबकि यह आगे बढ़ चुका है, लेकिन अभी भी एक लंबा रास्ता तय करना बाकी है। गैर सरकारी संगठनों के साथ मेरी अभी शुरुआत है और आगे भविष्य में मैं जीवन के सभी क्षेत्रों की महिलाओं की सुरक्षा और समर्थन के लिए बेहतर संसाधन हासिल करने में मदद करूंगी और योगदान देना चाहूंगी।”
यह एक विचारोत्तेजक कदम है जो एक्ट्रेस यामी ने उठाया है और वह लोगों से आग्रह करती हैं कि वे भी आगे आएं और उन बड़े मुद्दों को खत्म करने में मदद करें जिनकी वजह से महिलाओं को अभी भी हमारे समाज में मुश्किलों के सामना करना पड़ा रहा हैं। हर छोटा कदम समाज के लिए बड़ा बदलाव ला सकता है।
इन दिनों अपनी फिल्म ‘ए थर्सडे’ की सफलता को एंजॉय कर रहीं यामी गौतम ने अपनी फिल्म के जरिये ये साबित कर दिया है कि वह एक बेहतरीन अदाकारा हैं और उनकी पिछली परियोजनाएं इसका सबूत हैं।


